जयपुर का 287वां स्थापना दिवस आज, चार दिनों तक होंगे रंगारंग सांस्कृतिक समारोह
(Amber, Jaipur) जयपुर आज 287 साल का हो गया और इसकी विरासत और संस्कृति के चर्चे देश में ही नहीं अपितु विदेशों में भी हैं। इसी विरासत को संजोते हुए आज से जयपुर में विभिन्न सांस्कृतिक आयोजन हुए हैं। जिसकी शुरूआत प्रथम पूज्य मोती डूंगरी गणेश मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद शहर के सबसे पहला गेट गंगापोल गेट पर भी निगम प्रशासन द्वारा आयोजन किया गया। वहीं जयपुर के आराध्य देव गोविन्द देवजी मंदिर में कत्थक नृत्य का आयोजन किया गया। शहर के अल्बर्ट हाॅल पर भी स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में विशेष आयोजन हुआ। इस मौके पर पद्मश्री अर्जुन प्रजापति द्वारा जयपुर के स्थापक सवाई जयसिंह द्वितीय की पोट्रेट बनाया गया। वहीं विभिन्न कलाकारों ने रंगों के माध्यम से मिनीचर पेंटिंग बनाई गई। निगम प्रशासन की ओर से आयोजित इन कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए निगम सीईओ ने बताया कि आज से 21 नवंबर तक जयपुर स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजन होने है, जिसमें नृत्य, कला और संस्कृति को प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ये सभी आयोजन रविन्द्र मंच, जवाहर कला केन्द्र, गोविन्द देव मंदिर और अलबर्ट हाॅल जैसे शहर के कई प्रमुख स्थानों पर होने हैं।
कौन नहीं जानता कि जयपुर किस मायने में अहम है। इसकी ना सिर्फ राजस्थान या हिंदुस्तान बल्कि पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान है। यहां की स्थापत्य कला हो या धार्मिक महत्व। यहां की राजसी परंपराएं हों या मेहमान को भगवान समझने की। हर मायने में पूरी दुनिया जयपुर को याद रखती है।

Author: JAN TV Editorial Team

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।