(GUJARAT, India)
इसमें धरमपुर के 14 और कपराड़ा के छह गांवों के करीब 170 परिवारों के 400 लोग शामिल हैं । शनिवार सुबह पुलिस छावनी में तब्दील हुए क पराड़ा के अरनाला गांव में हवन व जनेऊ पहनाने के साथ ही करीब 400 स्त्री-पुरूषों ने ईसाई धर्म छोड़ पुन: हिन्दू धर्म अपना लिया। वलसाड़ जिले के कपराड़ा का अरनाला गांव सुबह से पुलिस छावनी बना हुआ था। आसपास के गांवों के लोगों के आने का तांता दिनभर लगा रहा। गांव के बीच एक पंडाल में हो रहे हवन में आहुतियां दिलाने के बाद लोगों को जनेऊ धारण करवाई गए। इससे पहले लोगों को अरनाई गांव के गर्म पानी के कुण्ड मे डुबकी लगवाई गई और राम धुन सुनाकर धर्म का ज्ञान दिया गया । विहिप की ओर से दावा किया जा रहा है कि इस इलाके में लंबे समय से गरीब आदिवासियों को सुविधाओं का लालच देकर ईसाई बनाया जा रहा था। विहिप के निर्मल पटेल के मुताबिक, पिछले 65 सालों में वोट बैंक के चलते भटके हुए हिन्दू भाइयों की किसी ने सुध नहीं ली। विहिप के 50 वर्ष पूरे होने के मौके पर धर्म छोड़ ईसाई बने लोगों को दोबारा हिन्दू धर्म में शामिल होने का मौका देने के लिए घर वापसी कार्यक्रम चलाया जा रहा है। हिन्दू धर्म में वापसी करने वालों में से एक नरसिंह पटेल का कहना था कि वह कुछ समय के लिए अपना मूल धर्म भूल गया था, दूसरे लोगों ने उसे लालच देकर परिवार के साथ धर्म बदलने के लिए मजबूर कर दिया था। अब वह फिर अपने घर लौट आया है। कार्यक्रम में मौजूद खेरगांव के कथाकार प्रफुल्ल शुक्ल ने कहा कि पचास साल पहले उमरगांव से अम्बाजी तक इस आदिवासी इलाके मे कोई ईसाई नहीं था। जिन गरीब परिवारों को लालच देकर धर्म परिवर्तन करवाया गया, उनको आज फिर अपने घर लाने का काम हो रहा है।
Author: JAN TV Editorial Team
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