वर्ष 2008 के मुम्बई हमला मामले में अपनी भूमिका को लेकर 35 साल की कैद की सजा काट रहे लश्कर ए तैयबा के पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी आतंकवादी डेविड हेडली ने जेल में इस बात पर एक संस्मरण लिखा है कि कश्मीर की आजादी के प्रति लश्कर के समर्पण ने उसे कैसे इस आतंकवादी संगठन से जुडने की प्रेरणा दी. संस्मरण के अनुच्छेदों में से एक में हेडली ने अक्तूबर, 2000 में लश्कर आतंकवादियों से हुई अपनी पहली मुलाकात के बारे में लिखा है. उसने लिखा है, अक्तूबर, 2000 में अपनी एक यात्रा के दौरान मैंने संयोगवश लश्कर ए तैयबा से पहली मुलाकात की. मैं नवंबर में उसके एक वार्षिक सम्मेलन में शामिल हुआ. मैं भारतीय आधिपत्य से कश्मीर की मुक्ति के प्रति उनके समर्पण से बड़ा प्रभावित हुआ........उसने मुम्बई हमले के बारे में लिखा है, योजना मछलियां पकडने वाली एक भारतीय नौका पर कब्जा करने की थी जो भटक कर पाकिस्तानी समुद्री सीमा में चली जाती थी और उस नौका को मुम्बई ले जाना था. उम्मीद थी कि भारतीय तटरक्षक बल भारतीय नौका का संज्ञान नहीं लेगा. आतंकवादी लड़कों के पास जीपीस उपकरण होगा जो उसे उस गंतव्य तक का रास्ता बताएगा जिसे मैंने पहले चुना था.
Author: JAN TV Editorial Team
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