(India)
किसान गजेंद्र की आत्महत्या को लेकर शुरू हुए आरोप-प्रत्यारोप अब सीधे ‘आप’ पर मुकदमे के रूप में दर्ज हो गए हैं। दिल्ली पुलिस ने अपनी एफआईआर में ‘आप’ नेताओं और कार्यकर्ताओं पर तालियां बजाकर गजेंद्र को खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप लगाए हैं। ‘आप’ ने पुलिस के इन आरोपों को झूठ का पुलिंदा करार दिया है। इंस्पेक्टर के बयान पर मुकदमा दजर्रू पुलिस ने यह मुकदमा तिलक मार्ग थाने में तैनात इंस्पेक्टर एसएस यादव के बयान पर दर्ज किया है। अपने बयान में इंस्पेक्टर ने कहा, मैंने देखा कि गजेंद्र हाथ में झाड़ू लिए पेड़ पर चढ़ रहा था। नीचे खड़े लोग तालियां बजाते हुए शोर मचा रहे थे। मैंने इसकी जानकारी वायरलैस सेट से कंट्रोल रूम को दी। ताली बजा रहे कार्यकर्ताओं को मैंने ऐसा करने से रोका लेकिन वे नहीं माने। उनके उकसाने की वजह से ही गजेंद्र फंदे पर झूल गया। बाद में पुलिस उसे अस्पताल ले जाने लगी तो वहां मौजूद कार्यकर्ताओं ने विरोध किया। इस पूरे प्रकरण को लेकर दिनभर संसद से लेकर सड़क तक हंगामा हुआ। संसद के दोनों सदनों में विपक्ष ने इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की। हंगामे के चलते सदन स्थगित भी हुआ। बाद में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई का ब्योरा रखा। कहा,‘गजेंद्र को रैली में उकसाया गया। वहां मौजूद लोग तालियां बजा रहे थे।’ इससे इतर भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस मुख्यालय के बाहर केजरीवाल के खिलाफ प्रदर्शन किया। युवा कांग्रेस ने उनके आवास के बाहर कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा किया।
Author: JAN TV Editorial Team
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