दिल्ली विश्वविद्यालय ने सत्र 2016-17 के दाखिले का कटऑफ फॉर्मूला तैयार कर लिया है। कटऑफ सूची कम आएगी। सात की जगह सिर्फ पांच कटऑफ जारी होगी। ऐसे में छात्रों को जल्द सीटें लेनी होंगी। अगली सूची का इंतजार करना भारी पड़ सकता है। दाखिला कमेटी के अनुसार, दाखिला प्रक्रिया ज्यादा लंबी न चले, इसलिए कटऑफ की संख्या में कटौती की गई। हर कॉलेज को पांच कटऑफ को ध्यान में रखते सभी सीटें भरनी होंगी। ओबीसी और सामान्य वर्ग की कटऑफ में दस फीसदी से अधिक का अंतर नहीं होना चाहिए। वहीं प्रो. नचिकेता सिंह कहते हैं, श्कटऑफ सूची की संख्या कम होने से एक बड़ा असरा होगा। अब तक, छात्र का पहली कटऑफ में नाम आने पर वह मनपसंद कॉलेज या कोर्स के चक्कर में सीट नहीं लेता था। दूसरी कटऑफ का इंतजार करता था। अब ऐसा करने पर सीट हाथ से जा सकती है। यही नहीं, अब नई व्यवस्था में सीटें पहले की तरह ब्लॉक नहीं होंगी। दरअसल, हर साल कटऑफ में सीटें ब्लॉक होती थीं। क्योंकि अधिक कटऑफ के चक्कर में छात्र अगली सूची का इंतजार करते थे। मान लीजिए यदि किसी का पहली कटऑफ में तीन जगह नंबर आता था तो वो तीन जगह सीट ले लेते थे। इससे अन्य जरूरतमंद छात्रों को मौका नहीं मिल पाता था। उन्हें अंत तक सीट रद्द होने का इंतजार करना पड़ता था। अब इस तरह की दिक्कतें नहीं देखने को मिलेंगी।
Author: JAN TV Editorial Team
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