सुप्रीम कोर्ट ने इस वर्ष मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट को लेकर चल रही सभी शंकाओं को समाप्त कर दिया और कहा कि जो उम्मीदवार नीट 1 में बैठ चुके हैं वह 24 जुलाई को होने वाली नीट 2 में भी बैठ सकते हैं। लेकिन यह तभी होगा जब वह नीट 1 का परित्याग कर देंगे। दूसरे शब्दों में जो छात्र नीट 1 में बैठने के बाद नीट 2 में बैठेंगे उनकी रैंक और स्कोर नीट 2 के अनुसार तय होगी। जस्टिस एआर दवे ने कहा सोमवार को आदेश में कहा कि छात्रों ने नीट 1 के लिए आवेदन किया था लेकिन बैठ नहीं सके, वहीं कुछ ऐसे थे जो यह सोचकर पूरी तरह से तैयारी नहीं कर सके थे कि यह सिर्फ आल इंडिया की 15 फीसदी सीटों के लिए हो रहा है। उनके लिए नीट 2 एक और मौका है। कोर्ट ने कहा कि एमसीआई और सीबीएसई चाहे तो नीट 2 के आयोजन की तारीख में बदलाव कर सकते हैं। दिलचस्प बात यह है कि एमसीआई की कार्यशैली की समीक्षा करने के लिए गठित आरएम लोढ़ा की कमेटी नीट 2 की देखरेख भी करेगी। कोर्ट ने इस बारे में आज दिए आदेश में कहा कि 2 मई को गठित की गई जस्टिस लोढ़ा कमेटी नीट 2 की विश्वसनीयता को बनाए रखने के लिए इसे भी देखेगी। कोर्ट ने कहा कि विभिन्न राज्यों द्वरा किए जा रहे कामन एंट्रेंस टेस्ट, सेट को अनुमति नहीं दी जाएगी। कोर्ट ने कहा कि नीट केंद्र सरकार का सृजन है इसलिए यह राज्यों के कानून के ऊपर रहेगा। कोर्ट ने आदेश में कहा कि हम नीट पर इस बात में कोई कानूनी दिक्कत महसूस नहीं करते कि यह राज्यों और निजी संस्थानों के अधिकारों का उल्लंघन नहीं करते। कोर्ट ने कहा कि किसी श्रेणी के लिए आरक्षण नीट की विषय वस्तु नहीं थी न ही अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर नीट से कोई प्रभाव पड़ रहा है।
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