अस्पताल में इलाज के दौरान लड़की की मौत
(Yamunanagar, Yamunanagar) बीते 6 अगस्त को आन्या अपने पाँचवे जन्मदिन पर बेहद खुश नजर आ रही थी। वो घर की लॉडली थी, अपनी नट-खठ शरारतों से हर किसी का दिल जीत लेना आन्या में सबसे बड़ी खूबी थी। लेकिन आन्या की मासूम हँसी को किसी की नजर लग गई। आन्या की माँ ने कभी सपने में भी कल्पना नहीं की थी कि जन्मदिन के चार दिन बाद ही उस के आंगन की रौनक मौत की गहरी नींद सो जाएगी। आन्या के परिजनों का आरोप है कि उनकी बेटी की मौत डाक्टरों एवं लैब-टेक्नीशन की लापरवाही से हुई है बेटी खोने के बाद बेकाबू हुए परिजनों का गुस्सा अस्पताल स्टाफ पर टूटा और लैब-टैक्नीशन की जमकर पिटाई कर दी गई।
ज़ार-ज़ार आंसू बहा रही इस मां की माने तो आन्या को कोई बीमारी नही थी। वह तो अपनी भाभी के बेटे का बुखार चेक करवाने शहर में खुले एक नए एवं आलीशान अस्पताल में गई थी। आन्या भी उनके साथ अस्पताल चली गई, आन्या साथ थी इस लिए उन्होंने डाक्टर से उसकी भूख बढ़ाने के लिए कोई टॉनिक लिखने को बोल दिया। लेकिन डाक्टर ने पहले आन्या का ब्लड टेस्ट करवाने को बोला, और अस्पताल की ही लैब में आन्या को ऐसा इंजेक्शन लगाया गया कि उसे पेट में भंयकर दर्द होने लगा और उसे खून की उल्टी हो गई।
आन्या की माँ ने बताया कि डाक्टरों ने आन्या को किसी दूसरे अस्पताल में ले जाने को कहा जिसके बाद वह उसे शहर के दूसरे अस्पताल में ले गए और वहां दो दिन वेंटीलेटर पर रहने के बाद आन्या ने मौत के आगे घुटने टेक दिए। परिजनों का आरोप है कि डाकटरों एवं लैब-टेक्नीशन की लापरवाही ने उनकी बेटी को मारा है।

Author: JAN TV Editorial Team

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