इस किताब में नरेंद्र मोदी के जीवन परिचय के अलावा माउन्टेन मैन दशरथ मांझी का जीवन परिचय औऱ महाकवि गोपालदास नीरज की कविताओं को भी शामिल कर लिया गया है। कक्षा आठ की इस किताब में मोदी जीवनी को 'विकास पुरुष- नरेंद्र मोदी' नाम दिया गया है। उनके जीवन परिचय की शुरुआत उन्हें विकास पुरुष बताते हुए की गई है। इस किताब में नरेंद्र मोदी के छात्र जीवन की दो घटनाओं के बारे में बताया है। जिसमें उन्होंने अपने संस्कृत के अध्यापक के कहने पर अपने क्लास के मॉनिटर को 'नदी' शब्द के रूप लिखकर दिखाने से मना कर दिया था।
साथ ही एनसीसी कैडेट के तौर पर उन्होंने जब एक खम्भे पर फंसे हुए पक्षी को निकाला था तो उनके शिक्षक उन्हें उद्दंड समझ बैठे बाद में उन्हें जानकारी हुई तो अफ़सोस हुआ। मोदी के जीवन परिचय को पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने को लेकर मई 2014 में पीएम ने ट्वीट किया था कि जीवित लोगों की जीवनी स्कूलों के पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं हों। उन्होंने लिखा था कि देश के इतिहास में दिग्गजों की कमी नहीं है। बच्चों को उनकी जीवनी पढ़ाई जानी चाहिए जिससे कि वे उनकी तरह बनना सीख सकें।
Author: JAN TV Editorial Team
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