जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने खचाखच भरे कोर्ट में जब आरोपियों को मौत की सजा सुनाई तो उस समय दर्शकदीर्घा से तालियां बजने लगी। कोर्ट ने इशारे से उन्हें चुप कराया।
कोर्ट ने दोषियों की कम उम्र, उनके बच्चे, बुजुर्ग माता-पिता आदि होने के कारण सजा कम करने तर्कों को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा जो क्रूरता दोषियों ने पीड़िता के साथ की वह कभी सुनी नहीं गई। दोषियों ने पीड़िता के साथ ओरल, एननेचुरल सेक्स करने बाद उसकी आँखें बाहर निकाल दी ये क्रूरता की इंतेहा थी।
Author: JAN TV Editorial Team
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