हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वानी की बरसी पर कश्मीर घाटी में हाई अलर्ट जारी
(JAMMUandKASHMIR, JAMMUandKASHMIR) आज ही के दिन हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वानी को सुरक्षा बलों ने मौत के घाट उतारा था। आज उसकी पहली बरसी पर घाटी में तनाव की आशंका को देखते हुए कश्मीर घाटी में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। इसके अलावा सुरक्षा बलों को आतंकियों की नई साजिश का भी पता चला है, जिसके तहत आतंकी हाल ही में मारे गए 52 आतंकियों के घर जाकर सहानुभूति बटोरने की फिराक में हैं। वहीं अमरनाथ यात्रियों के साथ किसी तरह की अप्रिय घटना न हो इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा को भी एक दिन के लिए रोक दिया है।

सुरक्षाबलों को जानकारी मिली है कि हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वानी की बरसी पर साजिश रच रहे हैं और लोगों से सहानुभूति का नया प्लान तैयार कर रहे हैं। सहानभूति बटोरने के इस पैतरे का नाम होगा सॉलिडेरिटी। खुफिया सूत्रों के मुताबिक 8 और 13 जुलाई के बीच सहानुभूति मार्च सड़कों पर होगा जिसमें आम लोग शामिल होंगे। उसी वक्त कई ऐसे लोग होंगे जो घाटी के अंदरूनी इलाकों में उन आतंकवादियों के घर जाएंगे जिन्हें हाल ही में सुरक्षाबलों ने मारा है। वहां पर युवाओं, बच्चों को भड़काने, उन्हें उत्तेजित करने की कोशिश की जाएगी। घाटी में पिछले 6 महीने मे 60 से ज्यादा युवक आतंक का दामन थाम चुके हैं।

घाटी में आतंकी बुरहानी वानी की पहली बरसी पर पुलवामा जिले के उसके गृहनगर त्राल में कर्फ्यू लगा दिया गया है। यहां पुलवामा, कुलगाम, शोपियां और अनंतनाग जिले में कई जगह पर बुरहान के समर्थक सड़कों पर उतर आए थे, जिसके बाद प्रशासन ने त्राल में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगाने का फैसला किया।

त्राल की तरफ जाने वाली सभी सड़कों को भी सील कर दिया गया है और वहां भारी संख्या में पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) को तैनात किया गया है। इसके साथ ही श्रीनगर के पुराने शहर के इलाकों, बारामूला, सोपोर, पुलवामा, अनंतनाग के अलावा कुछ दूसरी संवेदनशील जगहों पर धारा 144 लागू कर दी गई है। राज्य सरकार ने सभी शिक्षण संस्थानों में 6 जुलाई से 10 दिन की छुट्टी का ऐलान कर दिया है।

जम्मू कश्मीर पुलिस के आईजी मुनीर खान ने कहा कि अलगाववादी नेताओं की ओर से हंगामे की आशंका को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी गई है। उधर अलगाववादी हुर्रियत नेताओं मीरवाइज उमर फारूक और सैयद अली शाह गिलानी को भी एहतियातन नजरबंद कर दिया गया है, जबकि यासीन मलिक को हिरासत में ले लिया गया है। इनके अलावा अन्य स्थानीय नेताओं को भी गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल पुलिस व सुरक्षा बल पूरे इलाके पर पैनी नजर रखे हुए हैं।

बता दें कि 8 मई, 2016 को घाटी में सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में हिज्बुल आतंकी बुरहान मारा गया था. उसकी मौत के बाद वहां हिंसा भड़क उठी थी और महीनों तक घाटी का माहौल खराब रहा था।

Author: JAN TV Editorial Team

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