बजहां गांव निवासी जितेंद्र दूबे की 17 वर्षीया बेटी रागिनी सलेमपुर के निजी स्कूल में 12वीं में पढ़ती थी। रागिनी मंगलवार की सुबह छोटी बहन सिया के साथ स्कूल के लिए निकली थी। सिया धरहरा के निजी स्कूल में सातवीं में पढ़ती है। सुबह करीब 7.10 पर घर से निकलकर दोनों मुख्य सड़क पर आई थीं। इसी दौरान बाइक से पहुंचे कुछ युवक रागिनी से छेड़खानी करने लगे।
दोनों बहनों ने इसका विरोध किया तो युवकों ने रागिनी को पकड़ लिया और चाकू से उसके गले पर वार कर दिया। बड़ी बहन पर हमला होते देख सिया ने शोर मचाया तो हत्यारे उसको भी पकड़ने के लिये दौड़े। सिया जान बचाने के लिये एक घर में घुस गयी। इससे पहले कि लोग जुटते खून से लथपथ रागिनी को सड़क पर ही फेंककर हत्यारे फरार हो गये। आसपास के लोगों ने तत्काल घटना की सूचना पुलिस को दी और टेम्पो से रागिनी को लेकर जिला अस्पताल भागे। लेकिन रागिनी नहीं बच सकी।
एसओ बृजेश शुक्ल मौके पर पहुंचे और आला अधिकारियों को भी घटना से अवगत कराया। कुछ देर में ही बांसडीह व सुखपुरा थानों की फोर्स के साथ एएसपी विजय पाल सिंह, सीओ बांसडीह अशोक कुमार सिंह पहुंच गये। रागिनी के पिता जितेन्द्र की तहरीर पर पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रिंस तिवारी, उसके पिता बजहां के प्रधान कृपाशंकर तिवारी, भतीजा सोनू तिवारी और गांव के ही नीरज तिवारी व राजू यादव के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। प्रिंस की गिरफ्तारी के बाद अन्य को पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है।
बेटी की हत्या पर पूरा बजहां गांव गमगीन व हैरान है। इस हत्याकांड में प्रधान समेत उसके परिवार के तीन लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। बाकी दो आरोपित भी उसी गांव के रहने वाले हैं। पुलिस का कहना है कि घटना का मुख्य आरोपित ग्राम प्रधान कृपाशंकर तिवारी का बेटा प्रिंस है। इसके साथ ही इस मामले में प्रधान के बड़े भाई यूपी पुलिस में सिपाही उमांशकर तिवारी का बेटा सोनू शामिल है। अन्य आरोपित नीरज तिवारी व राजू यादव भी बजहां गांव के ही रहने वाले हैं।
स्थानीय थाना क्षेत्र के बजहां गांव में मंगलवार की सुबह हुई छात्रा की हत्या के बाद से ही चर्चाओं का बाजार गर्म है। लोग इस मामले में तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि तहरीर में छेड़खानी का आरोप है, लिहाजा उसी आधार पर पूरे प्रकरण की छानबीन हो रही है। सुबह करीब सात बजे घर से स्कूल जा रही रागिनी की हत्या करने वाला प्रधान का बेटा प्रिंस व भतीजा सोनू तथा अन्य परिजन फरार हो गये हैं। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने घर पर मौजूद महिला को पूछताछ के लिये हिरासत में ले लिया। हत्याकांड के बाद पुलिस ने नीरज व राजू की भी तलाश की लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। पुलिस का कहना है कि आरोपितों की खोजबीन की जा रही है तथा जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जायेगा।
सरेराह रागिनी को मौत के घाट उतारने वाला प्रधान का इकलौता बेटा प्रिंस बेहद बेखौफ हो चुका था। रागिनी का पीछा करते-करते कई बार स्कूल तक चला आता था। स्कूल के कुछ टीचरों ने भी प्रिंस को टोका था लेकिन वह मानता नहीं था। रागिनी ने प्रिंस की हरकतों के बारे में हर बार अपने घरवालों से भी शिकायत की थी। परिजनों ने भी प्रिंस के पिता और प्रधान से शिकायत की थी। शिकायत और टोका-टाकी पर कुछ दिन तक तो सबकुछ सामान्य रहता था लेकिन फिर से उसकी हरकतें शुरू हो जाती थीं। इससे तंग आकर ही रागिनी ने करीब दो सप्ताह तक स्कूल जाना भी बंद कर दिया था।
छोटी बहन के साथ स्कूल जा रही रागिनी की हत्या करने वाले प्रधान पुत्र की दबंगई का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि घटना को अंजाम देने के बाद वह फरार होने की बजाय रागिनी के घर पहुंच गया। परिवार वालों को धमकी दी कि यदि पुलिस को मेरा नाम बताया तो अंजाम बुरा होगा। मृतका के घरवालों की मानें तो घटना को अंजाम देने के बाद प्रिंस अपने परिवार के कुछ अन्य लोगों के साथ दरवाजे पर आया तथा पुलिस को खबर नहीं करने की धमकी दी। रागिनी के परिवार की महिलाओं के अनुसार प्रधान और उसका बेटा समझौता करने की बात भी कहने लगे। वारदात के बाद पहुंचे पुलिस अधिकारियों के सामने लोगों ने उक्त बातों का खुलासा किया तो सुरक्षा के लिये पुलिस की तैनाती कर दी गयी। हालांकि दोपहर बाद सिर्फ एक एसआई व दो सिपाही ही मौजूद थे, लिहाजा पीडि़त परिवार सहमा हुआ था। उन्होंने अधिकारियों से सुरक्षा बल बढ़ाने की मांग की।
Author: JAN TV Editorial Team
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