हॉस्पिटल मैनेजमेंट की बड़ी लापरवाही के चलते 20 बच्चों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। बीआरडी मेडिकल कालेज में इंसेफेलाइटिस का इलाज कराने आये मरीजों को ऑक्सीजन नहीं मिल सकी, जिससे एनएनयू वार्ड और इंसेफेलाइटिस वार्ड में भर्ती 20 बच्चों की मौत हो गई। मेडिकल कालेज के नेहरु अस्पताल में सप्लाई करने वाली फर्म का 69 लाख रुपए का भुगतान बकाया था जिसके चलते गुरुवार शाम को फर्म ने अस्पताल में लिक्विड ऑक्सीजन की आपूर्ति ठप कर दी। गुरुवार से ही मेडिकल कालेज में जम्बो सिलेंडरों से गैस की आपूर्ति की जा रही है। बीआरडी मेडिकल कालेज में दो साल पहले लिक्विड आक्सीजन का प्लांट लगाया गया था। इसके जरिए इंसेफेलाइटिस वार्ड सहित करीब तीन सौ मरीजों को पाइप के जरिए आक्सीजन दी जाती है। शुक्रवार सुबह सात बजे आक्सीजन पूरी तरह खत्म हो जाने के चलते इंसेफेलाइटिस वार्ड में करीब दो घंटे तक मरीजों को अम्बू बैग के सहारे रहना पड़ा। 12 बजे कुछ सिलेंडर पहुंचे लेकिन इंसेफेलाइटिस इमरजेंसी वार्ड में अभी भी सिलेंडरों की क्राइसिस बनी हुई है। इंसेफेलाइटिस के वार्ड नंबर 100 में हर डेढ़ घंटे में 16 सिलेंडर खर्च हो रहे हैं। चारों तरफ अफरातफरी मची हुई है।
Author: JAN TV Editorial Team
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