वहीं, दूसरी और ऋषि यानी सिद्धार्थ मल्होत्रा बैंकॉक में कोई इंपॉर्टेंट डॉक्यूमेंट चुराने के मिशन पर लगे हुए हैं। धीरे-धीरे मालूम होता है कि ऋषि एनआईए के लिए काम करता है और जो अपने काम के खून-खराबे को लेकर परेशान है और अब वो ये काम छोड़ना चाहता है। ऐसे में कर्नल (सुनील शेट्टी) जो उसका बॉस है उसे एक आख़िरी काम करने के लिए कहता है जिसके लिए उसे मुंबई जाना होता है। इस बीच गौरव का भी मुंबई आना होता है। क्या दोनों मिलते हैं? फ़िल्मी कहानियों की तरह दोनों का आमना सामना होगा? दोनों के बीच कोई रिश्ता है या नहीं? इसी ताने-बाने पर बुनी गई है 'अ जेंटलमैन'। 'अ जेंटलमैन' एक साधारण सी कमर्शियल फ़िल्म है। जिसमें ज्यादा दिमाग लगाने की जरूरत नहीं होती। निर्देशक द्वय ने फ़िल्म पर अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए काफी मशक्कत भी की है किंतु, वे सफलता हासिल नहीं कर सकें!
अभिनय की बात करें तो सिद्धार्थ मल्होत्रा हर फ़िल्म में अपने अभिनय में काफी मेहनत करते नजर आते हैं, इस फ़िल्म में भी वह दोनों ही किरदार में सफल हुए हैं। जैकलिन को जिस काम के लिए रखा गया था वह उन्होंने पूरी ईमानदारी से निभाने की कोशिश की है। फ़िल्म का संगीत कर्णप्रिय है। कुछ गाने आपके पांव को थिरका भी देते हैं। मगर कहानी में कोई ख़ास दम नहीं है। इस तरह की ढेरों कहानियां हम ना सिर्फ बॉलीवुड में बल्कि रीज़नल सिनेमा में भी देख चुके हैं। गिने-चुने दृश्यों के अलावा फ़िल्म,दर्शकों पर पकड़ बरकरार नहीं रख पाती।
Author: JAN TV Editorial Team
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