कोर्ट में बचाव पक्ष ने कहा था कि राजेश गुलाटी पर हत्या की धारा नहीं बनती, क्योंकि कोई प्रत्यक्ष गवाह नहीं है। जबकि अभियोजन पक्ष ने कहा कि टुकड़ों में बंटी लाश राजेश के फ्लैट से मिली है। ऐसे में अपने आप में साबित है कि आरोपित ने ही हत्या की है। गौरतलब है कि 12 दिसंबर 2010 को गोविंदगढ़ इलाके के प्रकाश विहार में अनुपमा गुलाटी हत्याकाण्ड प्रकाश में आया था।
इस निर्मम हत्याकांड की खबर पूरे देशभर में चर्चित रही। आरोप था कि साफ्टवेयर इंजीनियर राजेश गुलाटी ने अपनी पत्नी अनुपमा का कत्ल करने के बाद उसके टुकड़े कर फ्रीजर में रख दिए थे। इन टुकडों को वह धीरे-धीरे मसूरी के जंगल में ठिकाने लगा रहा था। कोर्ट ने 302 और 201 में राजेश गुलाटी को दोषी करार दिया है। हालांकि कोर्ट ने अनुपमा के दोनों बच्चों के बयान नहीं माने। सजा पर कल बहस होगी। कल ही सजा पर कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी।
Author: JAN TV Editorial Team
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