करीना कपूर ने कहा, ”क्या नेपोटिज्म बाकी क्षेत्रों में नहीं है? बिजनेस चलाने वालों के बच्चे उनका बिजनेस संभालते हैं. एक राजनेता का बेटा उसकी जगह लेता है. वहां तो हम नेपोटिज्म का आरोप नहीं लगाते. यहां तक कि इस इंडस्ट्री में कई ऐसे बड़ी हस्तियों के बच्चे हैं जिन्हें वो स्टारडम नहीं मिली जो उनके पैरेंट्स को मिली. तो मुझे समझ नहीं आता कि लोग फिर इसके बारे में क्यों बात करते हैं. मूलरूप से ये इंडस्ट्री ऐसी निर्मम जगह है जहां आप सिर्फ अपने टैलेंट के बलबूते टिक सकते हैं. अगर ऐसा नहीं होता तो देश में कई बड़े सितारों के बच्चे नंबर वन एक्टर में शुमार किए जाते
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए इस अभिनेत्री ने कहा, ”अगर इंडस्ट्री में रणबीर कपूर हैं तो यहां रणवीर सिंह भी हैं. इसलिए नेपोटिज्म अब ओवररेटेड हो गया है. यहां पर सिर्फ आपका टैलेंड ही आपको टिका सकता है. यही वजह है कि कंगना रनौत को एक बेहतरीन अदाकारा के रूप में शुमार किया जाता है और वो इस इंडस्ट्री से नहीं हैं. अगर यहां पर आलिया भट्ट हैं तो कंगना रनौत भी हैं. ये सिर्फ स्टार किड्स के लिए नहीं हैं.”
Author: JAN TV Editorial Team
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