बलात्कार और हत्या के मामले में राज्य पुलिस ने छह संदिग्धों को हिरासत में लिया था जिन्हें स्थानीय पुलिस थाने में बंद किया गया। एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि पेशे से मजदूर नेपाल के सूरज सिंह (29) की पिछले माह एक सह-आरोपी ने कथित तौर पर हत्या कर दी थी। इसकी लोगों ने काफी निंदा की थी। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मामले की जांच बाद में सीबीआई को सौंप दी थी।
अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी एवं तत्कालीन आईजीपी (दक्षिण) जैदी, तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक मनोज जोशी और छह अन्य पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार करने से पहले कई लोगों से पूछताछ की थी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों को बुधवार को अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।
सीबीआई ने नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार एवं हत्या और हिरासत में संदिग्ध की मौत के मामले में दो अलग-अलग प्राथमिकियां दर्ज की हैं। सीबीआई के एक प्रवक्ता ने कहा सीबीआई ने पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक और पुलिस उप-अधीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन कर दोनों मामलों की जांच शुरू की।
वहीं इस मामले में मंगलवार को सीबीआई ने आरोपी आशीष चौहान की जामनत याचिका पर सुनवाई करते हुए सीबीआई को नोटिस जारी किया है। इतना ही नहीं हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि 11 सितंबर तक आरोपी आशीष की जांच से जुड़ी संबंधित रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल करें।
आपको बता दें कि 22 जुलाई को सीबीआई ने आशीष के खिलाफ आईपीसी की धारा 376, 302, 34, 120 बी और पॉस्को अधिनियम की धारा 6 के तहत केस दर्ज किया था।
Author: JAN TV Editorial Team
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