सात आरोपियों में छह को पुलिस ने सदोष मानव बध के प्रयास से क्लीनचिट दे दी है। वहीं डा सतीश के खिलाफ सदोष मानव बध के प्रयास की धारा सहित अन्य गंभीर धाराओं में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल किया है। दूसरे नम्बर पर गजानन जायसवाल को गंभीर आरोप में पुलिस ने शामिल किया है। गजानन डा सतीश के सहयोगी हैं।
आक्सीजन काण्ड की साजिश रचने में सभी सातों आरोपियों को पुलिस ने दोषी बताया है जबकि छह पर कमीशन बाजी में शामिल बताया है। इनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण की धारा में आरोपपत्र दाखिल है। आक्सीजन की सप्लाई ठप करने वाले मनीष भण्डारी के खिलाफ साजिश रचने के अलावा सिर्फ अमानत में खयानत की धारा में ही पुलिस ने आरोपपत्र दाखिल किया है। भ्रष्टाचार की जिन धाराओं में केस हुआ है उनमें डा पूर्णिमा शुक्ला पर गंभीर आरोप है। डा रहते हुए एक प्राइवेट व्यक्ति की भूमिका में कमीशन मांगने के लिए उन्हें दोषी बनाया है। अब इन आरोपपत्रों के आधार पर आगे की कार्रवाई शुरू होगी।
पुष्पा सेल्स के मालिक मनीष भण्डारी के खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी और 406
लिपिक उदय प्रताप शर्मा के खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी, 7/13 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम
लिपिक संजय कुमार त्रिपाठी के खिलाफ 120 बी 7/13 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम
लिपिक सुधीर कुमार पाण्डेय के खिलाफ 120 बी 7/13 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम
डा पूर्णिमा के खिलाफ 120 बी व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7/13, (8) (9)
डा सतीश अध्यक्ष एनेस्थीसिया विभाग के खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी, 466, 468, 469, 471 308 व 7/13 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम
गजानन जायसवाल के खिलाफ आईपीसी 120 बी 466, 468,469,471, 7/13 भ्रष्टाचार निवारण अधिनयम
पुष्पा सेल्स ने आक्सीजन की सप्लाई ठप कर दी थी। ऑक्सीजन जीवनरक्षक है। इसकी आपूर्ती बंद करना गुनाह है। इसके लिए आपूर्तीकर्ता मनीष भंडारी के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था।
लिपिक उदय प्रताप शर्मा लिपिक संजय कुमार त्रिपाठी व सहायक लेखाकार सुधीर कुमार पांडेय यह तीनों लेखा विभाग के कर्मचारी
थे। आरोप है जिस कमीशन की बात हो रही उसकी नींव यहीं से रखी गई थी। हालांकि, भेजी गई रपट के अनुसार इन पर आरोप है कि जब शासन से बजट आया तो प्राचार्य को बताने में लेटलतीफी की गई। उनके पास पत्रावली देर से पेश की गई। इस लिए इनके खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
Author: JAN TV Editorial Team
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