अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत-बंग्लादेश की साझा लड़ाई रंग ला रही है और नए युवा सेना अफसर इस अभियान को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाएंगे। परेड के दौरान बंग्लादेश के आर्मी चीफ ने कहा कि भारत और बंग्लादेश न सिर्फ सीमा को शेयर करते हैं, बल्कि संस्कृति भाषा इतिहास भी आपस में मेल खाता है और 1971 में बंग्लादेश के आजादी में भारतीय सेना के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने मीडिया से बातचीत में यह भी कहा कि रोहिंग्या मुसलमानों के मुद्दे पर बातचीत जारी है।
वहीं बता दें कि आईएमए से देश को मिले युवा सैन्य अफसरों में यूपी से सबसे ज्यादा 76 कैडेट हैं, जबकि उत्तराखंड से 38 दिल्ली से 22 बिहार से 25 झारखंड से 5 हरियाणा से 58 मध्य प्रदेश से 19 पंजाब से 24 युवा सेना में शामिल हुए। जम्मू कश्मीर से भी 9 युवा सेना में अफसर बने। पासिंग आउट परेड में आर्मी ट्रेनिंग कमांड के जनरल ऑफिसर ले ज मनोज मुकुंद नरावने आईएमए के कमांडेंट ले ज एसके झा डिप्टी कमाडेंट जेएस मेहरा समेत सैन्य अफसर पास आउट हुए नव सेना अफसरों के परिजन पूर्व सैन्य अफसर मौजूद रहे।
Author: JAN TV Editorial Team
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