कोर्ट ने सीबीआई को आरोपी विधायक की गिरफ्तारी के साथ ही पुराने मामलों की जांच का भी निर्देश दिया है। इसके साथ ही 20 जून 2017 को दर्ज मामले में विधायक की जमानत निरस्त करने का भी आदेश दिया गया है। सीबीआई से दो मई को इस मामले में प्रोग्रेस रिपोर्ट भी देने को कहा गया है।
चीफ जस्टिस डीबी भोसले व जस्टिस सुनीत कुमार की खंडपीठ ने गुरुवार को रेप कांड की सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया था। आज लंच के बाद खचाखच भरी अदालत में फैसला सुनाया गया। गौरतलब है कि वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल चतुर्वेदी ने उन्नाव कांड पर चिंता जताते हुए मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा था, जिस पर कोर्ट से स्वत: संज्ञान लिया। उधर, सीबीआई की टीम ने माखी पुलिस स्टेशन का दौरा किया।
Author: JAN TV Editorial Team
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