जीरो के किरदार में ढलने के लिए अनुष्का ने तीन महीने तक एक थेरेपिस्ट के साथ वर्कशॉप ली ताकि वह इस बीमारी से पीड़ित लड़की का किरदार ढंग से निभा पाएं।
(India) अनुष्का ने फिल्म में आफिया नाम की सेरिब्रल पल्सी से पीड़ित लड़की के किरदार के लिए काफी मेहनत की। उन्हें फिल्म में व्हीलचेयर पर दिखाया गया है। ऐसे में अनुष्का ने किरदार में ढलने के लिए एक महीने तक अपने घर में भी व्हील चेयर पर रहने की प्रैक्टिस की। इसके अलावा अनुष्का ने तीन महीने तक एक थेरेपिस्ट के साथ वर्कशॉप ली ताकि वह इस बीमारी से पीड़ित लड़की का किरदार ढंग से निभा पाएं।
फिल्म की कुछ शूटिंग मुंबई के वसई में हुई जहां तक पहुंचने के लिए शाहरुख अपने बांद्रा स्थित घर मन्नत से चॉपर के जरिए शूटिंग लोकेशन तक पहुंचते थे। ऐसा वह हैवी ट्रैफिक से बचने के लिए करते थे। शाहरुख तकरीबन 12 घंटे तक शूटिंग करने के बाद वापस हेलिकॉप्टर से घर आ जाया करते थे।
फिल्म का टाइटल पहले कटरीना मेरी जान रखा गया था लेकिन बाद में इसे बदलकर जीरो कर दिया गया। एक इंटरव्यू में तो शाहरुख ने यह भी कहा है कि वह फिल्म का टाइटल जीरो नहीं बल्कि हरामी रखना चाहते थे क्योंकि उनका किरदार बउआ सिंह फिल्म में इसी तरह का इंसान है।

Author: JAN TV Editorial Team

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