नीट पीजी काउंसलिंग में हो रही देरी के कारण रेजिडेंट डॉक्टर्स में लगातार आक्रोश बढ़ता जा रहा है.रेजिडेंट डॉक्टर्स का कहना है कि काउंसलिंग नहीं होने के कारण उन पर लगातार काम का बोझ बढ़ रहा है । जिसके कारण रेजिडेंट चिकित्सक तनाव और अवसाद में आ रहे हैं । लेकिन काउंसलिंग को लेकर कोर्ट सिर्फ तारीख पर तारीख दे रहा है । ऐसे में केंद्र सरकार मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है । ऐसे में प्रदेशभर के रेजिडेंट डॉक्टर्स ने रविवार को ओपीडी का बहिष्कार कर सोमवार से संपूर्ण कार्य बहिष्कार किया है । रेजिडेंट डॉक्टर्स की माने तो अकाउंसलिंग में हो रही देरी के चलते नया बैच अस्पतालों में नहीं आ पा रहा है । ऐसे में जहां 1000 रेजिडेंट डॉक्टर्स की अस्पतालों में जरूरत है, वहां केवल 600 रेजिडेंट ही काम कर रहे हैं । जब कि 400 रेजिडेंट का कार्य भी मौजूदा रेजिडेंट डॉक्टर्स की ओर से ही किया जा रहा है । जिससे रेजिडेंट डॉक्टर्स में लगातार काम का बोझ बढ़ रहा है ।मांगे नहीं माने जाने पर रेजिडेंट्स के विरोध के चलते अस्पतालों में मरीजों की परेशानियां बढ़ सकती है ।
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