इंडिगो के सात पायलट इमरजेंसी फ्रिक्वेंसी पर कर रहे थे सैलरी की बात, DGCA ने शुरू की जांच
(India) भारतीय एरलाइन कंपनी इंडिगो के कम से कम सात पायलट इमरजेंसी फ्रिक्वेंसी पर सैलरी से जुड़े मुद्दों पर कथित रूप से आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए पाए गए हैं। इन सातों पायलट पर अब बड़ी गाज गिर सकती है। पायलटो को कम वेतन के मुद्दे पर 121.5 मेगाहर्ट्ज फ्रीक्वेंसी पर आपत्तिजनक भाषा में अपना गुस्सा जाहिर करते हुए पाया गया।

बता दें कि इस 'फ्रीक्वेंसी' का उपयोग विमान के मुसीबत में होने पर इमरजेंसी कम्यूनिकेशन के लिए किया जाता है। सूत्रों ने बताया कि नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने मामले की जांच शुरू की है। हालांकि, इंडिगो का अभी तक इस विषय पर कोई बयान नहीं आया है। आपात संचार के लिए उपयोग की जाने वाली 21.5 मेगाहर्ट्ज फ्रीक्वेंसी की वायु यातायात नियंत्रक अनिवार्य रूप से निगरानी करते हैं।

हालांकि, विभिन्न विमानों के पायलट के बीच हवाई क्षेत्र में संचार के लिए '123.45 मेगाहर्ट्ज फ्रीक्वेंसी' का इस्तेमाल किया जाता है, जिसकी निगरानी हवाई यातायात नियंत्रक नहीं करते हैं। इस घटना से कुछ दिनों पहले इंडिगो ने कोविड-19 महामारी के दौरान वेतन में कटौती के खिलाफ पांच अप्रैल से हड़ताल पर जाने की योजना बना रहे अपने कुछ पायलट को निलंबित कर दिया था।

Author: JAN TV Editorial Team

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