बदायूं के आरटीओ ऑफिस में मृत व्यक्ति को भी जिंदा बताकर बाइक ट्रांसफर करने का मामला सामने आय है.आत्महत्या करने के पौने 2 साल बाद एआरटीओ दफ्तर में मृतक की मौजूदगी दिखाकर बाइक उसके भाई को ट्रांसफर कर दी गई.दो बाबुओं ने मोटी रकम लेकर अफसरों को भी कठघरे में खड़ा कर दिया.शहर के मोहल्ला कबूलपुरा निवासी 1 युवक ने 22 जुलाई 2021 को विषाक्त पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी. पिछले महीने 22 मार्च को एआरटीओ दफ्तर के 2 बाबुओं ने मृतक को जीवित दर्शाकर अपनी मौजूदगी में अपने सामने दिखाकर उसका फ़ोटो सीन किया है...बुओ ने सम्बन्धित फार्म पर मृतक की ओर से बाकायदा सभी औपचारिकताएं पूर्ण कराई है.. और उसके भाई के नाम उसकी बाइक नाम कराई है..... एआरटीओ ऑफिस मे बिना बिचौलियों के कोई भी काम नहीं होता है
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।