7 मई को डीआरआई यानि डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस को गुप्त सूचना मिली थी कि लक्षद्वीप के करीब समंदर में ड्रग्स की एक बड़ी खेप भारत की सीमा में पहुंचने वाली है. इसी सूचना पर डीआरआई ने इंडियन कोस्टगार्ड की मदद ली. कोस्टगार्ड के जहाज, आईसीजीएस सुजीत पर डीआरआई के अधिकारी भी तैनात किए गए और तभी से अरब सागर में निगरानी शुरु कर दी गई. 18 मई को डीआरआई ने कोस्टगार्ड की मदद से दो संदिग्ध बोट्स, प्रिंस और लिटिल-जीसस की तलाशी ली तो उनमें एक-एक किलो के 219 पैकेट मिले. इन सभी पैकेट्स में गैर-कानूनी हेरोइन भरी हुई थी. पूछताछ में दोनों बोट्स के क्रू ने बताया कि ड्रग्स की ये खेप उन्हें समंदर में ही मिली थी.
Author: JAN TV Editorial Team
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