प्रदेश में सिर्फ अतीक अहमद और मुख्तार वकील ही बबीली नहीं रहे, उनके जैसे कई इब्राहिम सफेदपोश और थे,प्रोडक्शन का दर्जा था। ऐसा ही एक नाम विजय मिश्र था।
विजय मिश्र का राजनीतिक सफर
भदोही से कांग्रेस पार्टी के प्रमुखों के रूप में तीन दशक पहले राजनीतिक यात्रा की शुरुआत| ज्ञानपुर सीट से 2002, 2007, 2012 और 2017 विधानसभा चुनाव में विधायक बने|2017 के विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव ने अपने टिकट काट दिए थे|निषाद पार्टी ने चुनाव में लड़ाई लड़ी और देश में मोदी लहर के बावजूद जीत हासिल की|
लेकिन विजय पर पूर्व सांसद गोरखनाथ पांडे के छोटे भाई रामेश्वर नाथ पांडे और पूर्व मंत्री राकेशधर त्रिपाठी के भाई धरणीधर त्रिपाठी सहित कई ब्राह्मणों की हत्या का भी आरोप था।
Author: JAN TV Editorial Team
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