रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि आईआईटी बॉम्बे में छात्रों को मिलने वाले वेतन पैकेज में भी कमी आई है, जो अब सिर्फ 4 लाख रुपये प्रति वर्ष तक रह गया है। दूसरी और तीसरी पीढ़ी के आईआईटी में भी प्लेसमेंट में 10% से अधिक की गिरावट देखी गई है, जैसे कि आईआईटी हैदराबाद और आईआईटी मंडी में। संसदीय समिति ने केंद्र सरकार से रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए कदम उठाने की सिफारिश की है।
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