चीन बना रहा सेल्फ-डेवलपिंग एआई टूल, ट्रेनिंग की आवश्यकता नहीं होगा
(India) कुछ समय पहले तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को महंगी और जटिल तकनीक माना जाता था, लेकिन DeepSeek ने इसे सस्ता और प्रभावी बना दिया है। आमतौर पर एआई मॉडल को बनाने के लिए लंबी ट्रेनिंग की जरूरत होती है, जिससे बहुत खर्च होता है, लेकिन अब DeepSeek और त्सिंगहुआ विश्वविद्यालय ने एक ऐसा एआई मॉडल तैयार किया है, जिसे बहुत कम ट्रेनिंग की आवश्यकता होगी। इस मॉडल का मुख्य उद्देश्य कम लागत में बेहतर प्रदर्शन देना है, जिससे एआई का उपयोग और भी सस्ता और प्रभावी हो सके।

DeepSeek ने हाल ही में एक नया शोध-पत्र प्रकाशित किया है, जिसमें रिइन्फोर्समेंट लर्निंग के एक नए तरीके को पेश किया गया है, जिसे "सेल्फ-प्रिंसिपल्ड क्रिटिक ट्यूनिंग" कहा गया है। इस तकनीक के जरिए एआई को मानवीय प्राथमिकताओं के अनुसार बेहतर तरीके से काम करने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है, और इसमें सटीक जवाब देने पर एआई को पुरस्कार मिलता है। इस नए मॉडल को DeepSeek-GRM नाम दिया गया है, जो कम संसाधनों में भी अधिक प्रभावी है। कंपनी ने यह भी बताया कि यह मॉडल ओपन सोर्स होगा, जिससे अन्य डेवलपर्स भी इसका फायदा उठा सकेंगे।

Author: JAN TV Editorial Team

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