टिम कुक ने बताया कि चीन ने पिछले कुछ दशकों में न केवल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में खुद को बहुत मज़बूत किया है, बल्कि वहां के इंजीनियर्स और तकनीशियन बेहद प्रशिक्षित और विशेषज्ञ हैं। उन्होंने यह भी कहा कि Apple को उस स्तर की तकनीकी दक्षता और विस्तारक क्षमता की आवश्यकता होती है, जो फिलहाल चीन जैसा देश ही प्रदान कर सकता है।
इसके साथ ही, चीन में Apple के लिए काम करने वाली बड़ी-बड़ी कंपनियां जैसे Foxconn और Pegatron ने वर्षों से एक मजबूत उत्पादन व्यवस्था विकसित की है। इन कंपनियों के पास इतने संसाधन और श्रमबल हैं कि वे करोड़ों iPhones समय पर और उच्च गुणवत्ता के साथ तैयार कर सकती हैं।
हालांकि टिम कुक ने यह भी स्पष्ट किया कि Apple अब भारत सहित कई अन्य देशों में भी अपने निर्माण कार्यों का विस्तार कर रहा है। भारत को भविष्य में एक बड़े मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन फिलहाल चीन की तैयारियों और क्षमता का मुकाबला करना आसान नहीं है।
इस प्रकार, टिम कुक की बातों से यह साफ हो जाता है कि चीन में iPhone निर्माण केवल लागत नहीं, बल्कि गुणवत्ता, गति और स्केल के सही संतुलन के कारण होता है।
Author: JAN TV Editorial Team
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