उनकी विशेषज्ञता ने भारत को परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में मदद की। 'अप्सरा', जो 1956 में स्थापित किया गया था, भारत का पहला बाइडीरेशनल रिसर्च न्यूक्लियर रिएक्टर था, और इसके माध्यम से देश ने परमाणु विज्ञान में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया।
अपने जीवनकाल में श्रीनिवासन को तीन प्रमुख पद्म सम्मान - पद्मश्री (1981), पद्मभूषण (1997), और पद्मविभूषण (2019) प्राप्त हुए। उनके योगदान को मान्यता देने के लिए यह सम्मान दिए गए थे। श्रीनिवासन का निधन एक बड़ी क्षति है, और भारतीय विज्ञान समुदाय ने उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
उनकी विशेषज्ञता और नेतृत्व ने भारत को परमाणु शक्ति के रूप में स्थापित किया, और उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा।
Author: JAN TV Editorial Team
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