(India)
NEET UG 2025 के इंदौर और उज्जैन केंद्रों पर परीक्षा के दौरान बिजली गुल होने और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था न होने के कारण प्रभावित हुए छात्रों की पुनः परीक्षा की मांग पर अब सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। छात्रों ने आरोप लगाया कि 4 मई को आयोजित परीक्षा के दौरान तेज बारिश और आंधी के चलते बिजली चली गई और सेंटर पर कोई पावर बैकअप नहीं था, जिससे उन्हें अंधेरे में मोमबत्तियों के सहारे पेपर देना पड़ा। पहले एमपी हाईकोर्ट ने इन छात्रों की याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद वे सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं। याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि या तो उन्हें दोबारा परीक्षा का अवसर मिले या फिर निष्पक्ष मूल्यांकन के लिए कोर्ट कोई वैकल्पिक उपाय सुझाए। गौर करने वाली बात यह है कि इस बार पहली बार सरकारी स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया गया था, जहां जरूरी तकनीकी व्यवस्थाओं की कमी सामने आई। अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है, जबकि 21 जुलाई से NEET UG की काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होनी है, जिससे पहले कोर्ट का फैसला अहम माना जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में यह भी देखा जाएगा कि परीक्षा की निष्पक्षता और समान अवसर के सिद्धांत का कितना पालन हुआ। छात्रों का कहना है कि खराब व्यवस्थाओं की वजह से उनका कीमती साल बर्बाद हो सकता है। अब सबकी निगाहें अदालत के फैसले पर टिकी हैं, जो देशभर के हजारों छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर सकता है।
Author: JAN TV Editorial Team
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