योजना का उद्देश्य
यह स्कीम 2024-25 के केंद्रीय बजट में घोषित हुई थी। लक्ष्य है कि अगले पांच वर्षों में देश की शीर्ष 500 कंपनियों में लगभग 1 करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप का अवसर प्रदान किया जाए। इसका संचालन कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय कर रहा है।
> आंकड़े क्या कहते हैं
अक्टूबर 2024 में शुरू हुए पहले राउंड में 280 कंपनियों ने 1.27 लाख अवसर दिए। इसमें 6.21 लाख आवेदन आए और लगभग 82,000 ऑफर जारी हुए। लेकिन केवल 28,000 युवाओं ने ऑफर स्वीकार किया और करीब 8,700 ने वास्तव में इंटर्नशिप शुरू की।
*दूसरा राउंड जनवरी 2025 में शुरू हुआ। इसमें 327 कंपनियों ने 1.18 लाख इंटर्नशिप ऑफर किए। इस बार 4.55 लाख आवेदन प्राप्त हुए। 12 अगस्त 2025 तक 82,000 से अधिक ऑफर दिए गए, लेकिन लगभग 24,000 युवाओं ने ही इंटर्नशिप जॉइन की।
> युवाओं की हिचकिचाहट क्यों?
सरकार द्वारा किए गए सर्वे और कॉल सेंटर से प्राप्त फीडबैक के अनुसार, युवाओं के ऑफर न लेने के प्रमुख कारण रहे –
*इंटर्नशिप की जगह तक पहुँचना मुश्किल होना
*अवधि को लेकर असुविधा
*उच्च शिक्षा में व्यस्त होना
>आगे की राह
मंत्रालय का कहना है कि पायलट प्रोजेक्ट से मिले अनुभव और युवाओं के सुझावों को देखते हुए स्कीम में सुधार किया जाएगा और आगे इसका विस्तार किया जाएगा।
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