सरकार कोचिंग इंडस्ट्री को भी नियंत्रित करने पर विचार कर रही है। प्रस्ताव में कहा गया है कि कोचिंग क्लास की अवधि प्रतिदिन तीन घंटे से अधिक नहीं होनी चाहिए, ताकि छात्रों पर अत्यधिक मानसिक दबाव न पड़े। शिक्षा मंत्रालय और संबंधित एजेंसियाँ इन सुझावों पर चर्चा कर रही हैं, और जल्द ही अंतिम निर्णय लिए जाने की उम्मीद है।
यह बदलाव छात्रों के बोझ को कम करने, स्कूल शिक्षा को मजबूत बनाने और प्रवेश परीक्षाओं की पारदर्शिता और संतुलन को बेहतर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Author: JAN TV Editorial Team
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