इन तकनीकी खामियों के जरिए हैकर्स यूजर्स की निजी जानकारी जैसे फोटो, पासवर्ड और बैंकिंग डिटेल्स तक पहुंच बना सकते हैं। इतना ही नहीं, डिवाइस में रिमोट एक्सेस लेकर मालवेयर इंस्टॉल किया जा सकता है, जिससे फोन या लैपटॉप हैकर के कंट्रोल में जा सकता है। यह जोखिम केवल व्यक्तिगत यूजर्स ही नहीं, बल्कि संस्थानों और प्रोफेशनल्स के लिए भी चिंता का विषय है।
CERT-In ने सलाह दी है कि सभी एपल यूजर्स तुरंत अपने डिवाइस को लेटेस्ट सॉफ्टवेयर वर्जन पर अपडेट करें। एपल ने इन कमजोरियों को दूर करने के लिए सिक्योरिटी पैच जारी कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर अपडेट न करना साइबर हमलों को खुला न्योता देने जैसा है, इसलिए सुरक्षा के लिए अपडेट को नजरअंदाज न करें।
Author: JAN TV Editorial Team
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