26 अक्टूबर 2026 से शुरू हुआ अभियान का पहला चरण 31 अक्टूबर तक चलेगा। इसके बाद 2 नवंबर से 5 नवंबर तक दूसरे चरण में भी प्रदेशभर में जांच जारी रहेगी। अभियान का उद्देश्य त्योहारों के दौरान बढ़ी खरीदारी के बीच उपभोक्ताओं को अनुचित वसूली और धोखाधड़ी से बचाना तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करना है।
नियंत्रक विधिक माप विज्ञान अमनदीप डुली के निर्देश पर सभी जनपदों में विभागीय टीमें सक्रिय हैं। उपनियंत्रक, सहायक नियंत्रक, वरिष्ठ निरीक्षक और निरीक्षक नियमित जांच के साथ बाजारों में औचक निरीक्षण भी कर रहे हैं।
छह प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष निगरानी
अभियान के तहत त्योहारों में अधिक मांग वाले छह प्रमुख क्षेत्रों को जांच के दायरे में रखा गया है। इनमें मिठाई और गिफ्ट पैक, एलपीजी सिलेंडर, खाद्य तेल और घी, आटा-मैदा-सूजी, ज्वैलर्स प्रतिष्ठान तथा पेंट की दुकानें शामिल हैं।
मिठाई और गिफ्ट पैक: मिठाई के साथ डिब्बे का वजन जोड़कर ग्राहकों से अधिक कीमत वसूलने जैसी शिकायतों पर नजर रखी जा रही है। गिफ्ट हैंपर पर अंकित घोषणाओं का भी सत्यापन किया जा रहा है।
एलपीजी सिलेंडर: घरेलू और वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों में गैस की वास्तविक मात्रा की जांच की जा रही है, ताकि निर्धारित मात्रा से कम गैस देने जैसी अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके।
खाद्य तेल और घी: पैकेज्ड खाद्य तेल और घी के पैकेटों तथा टिनों पर घोषित शुद्ध मात्रा और अंकित मूल्य का सत्यापन किया जा रहा है।
आटा, मैदा और सूजी: पैकेटों और बोरों पर घोषित वजन के अनुरूप वास्तविक मात्रा सुनिश्चित करने के लिए जांच की जा रही है।
ज्वैलर्स प्रतिष्ठान: सराफा बाजारों में आभूषणों की तौल के लिए इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रॉनिक तराजुओं और अन्य माप-तौल उपकरणों के सत्यापन तथा सील की जांच की जा रही है।
पेंट प्रतिष्ठान: घरों की सजावट और पुताई में इस्तेमाल होने वाले पेंट के डिब्बों पर घोषित मात्रा और मूल्य की पड़ताल की जा रही है।
नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई
विभागीय टीमें माप-तौल उपकरणों, पैकेज्ड वस्तुओं पर अनिवार्य घोषणाओं, घोषित मात्रा और मूल्य से संबंधित नियमों की जांच कर रही हैं। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का उद्देश्य त्योहारों के दौरान बाजार में निष्पक्ष व्यापारिक व्यवस्था को बढ़ावा देना और उपभोक्ताओं को खरीदारी के समय उनके अधिकारों के प्रति जागरूक रखना है। अभियान के जरिए यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि प्रदेशवासियों को घटतौली, एमआरपी से अधिक वसूली और माप-तौल संबंधी गड़बड़ियों का सामना न करना पड़े।
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