इस पहल के जरिए दुनिया के किसी भी कोने में रहने वाले श्रद्धालु अयोध्या के ऐतिहासिक राजद्वार में प्रभु श्रीराम के चरणों में दीप अर्पित कर सकेंगे। यह आयोजन लगातार पांचवें वर्ष किया जा रहा है। इसका उद्देश्य उन श्रद्धालुओं को भी दीपोत्सव से जोड़ना है, जो किसी कारणवश अयोध्या नहीं पहुंच सकते।
1, 5, 11 और 21 दीप अर्पित करने का विकल्प
‘श्री मंदिर’ ऐप के माध्यम से श्रद्धालु 1, 5, 11 अथवा 21 दीप अर्पित करने का विकल्प चुन सकेंगे। विकल्प चुनने के बाद अयोध्या के राजद्वार में मौजूद विद्वान पुरोहित संबंधित श्रद्धालु के नाम और गोत्र से विधिवत संकल्प लेंगे। इसके बाद वैदिक विधि-विधान के साथ दीप प्रज्वलित किए जाएंगे।
दीप अर्पण की पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई जाएगी। बाद में यह वीडियो डिजिटल माध्यम से संबंधित श्रद्धालु के साथ साझा किया जाएगा। इससे दूर बैठे रामभक्त भी अपने नाम से अयोध्या में दीप प्रज्वलित होने का प्रमाण देख सकेंगे।
अखंड रामायण पाठ और ब्राह्मण सेवा का आयोजन
दीपोत्सव के अवसर पर ऐप की ओर से दीप प्रज्वलन के साथ अन्य धार्मिक आयोजन भी किए जाएंगे। इनमें प्रभु श्रीराम के जीवन आदर्शों के स्मरण के लिए अखंड रामायण पाठ और विद्वान आचार्यों एवं ब्राह्मणों की विधि-विधान से सेवा शामिल है।
इसके साथ ही पांच हजार से अधिक साधु-संतों, श्रद्धालुओं और जरूरतमंदों के लिए महा-अन्नदान और भंडारे की व्यवस्था की जाएगी। आयोजन के माध्यम से धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सेवा और दान की परंपरा को भी आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
दुनियाभर के रामभक्तों को जोड़ने की पहल
श्री मंदिर के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशांत सचान ने कहा कि किसी श्रद्धालु की आस्था और उसके आराध्य के तीर्थस्थल के बीच भौगोलिक दूरी बाधा नहीं बननी चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार अयोध्या दीपोत्सव और भारतीय सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास कर रही है। इस आयोजन में डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से योगदान देना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
उन्होंने कहा कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले रामभक्तों का संकल्प अयोध्या तक पहुंचे और उनके नाम से दीप पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ प्रज्वलित हों, यही इस पहल का उद्देश्य है।
4 करोड़ से अधिक बार डाउनलोड हो चुका है ऐप
जानकारी के मुताबिक, ‘श्री मंदिर’ ऐप के 4 करोड़ से अधिक डाउनलोड हैं। यह देशभर के 100 से अधिक प्रमुख मंदिरों से जुड़ी ऑनलाइन पूजा, सेवा, चढ़ावा अर्पण और प्रसाद वितरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराता है।
इस डिजिटल पहल से वृद्ध, अस्वस्थ और विदेशों में रहने वाले श्रद्धालुओं को भी अयोध्या दीपोत्सव में आध्यात्मिक रूप से सहभागी बनने का अवसर मिलेगा।
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