सामान्य दिनों में 800 से 1,000 रुपये प्रतिदिन कमाने वाले कुछ दुकानदारों की आमदनी इन दिनों बढ़कर करीब 2,800 से 3,200 रुपये तक पहुंच गई है। यानी उनकी रोजाना कमाई लगभग तीन गुना हो गई है। दुकानदारों को उम्मीद है कि मुख्य आयोजन के दिन कारोबार में और तेजी आएगी।
घाटों पर बढ़ी रौनक, छोटे कारोबारियों के चेहरे खिले
इस बार दीपोत्सव में 30 लाख दीप प्रज्ज्वलित करने का लक्ष्य रखा गया है। राम की पैड़ी से लेकर आसपास के घाटों तक तैयारियां देखने के लिए लोगों का पहुंचना शुरू हो गया है। शाम के समय घाटों पर बढ़ती भीड़ के कारण चाय, समोसा और झालमुड़ी जैसे खाद्य पदार्थों की मांग भी बढ़ रही है।
परिवारों के साथ घूमने आए श्रद्धालु और पर्यटक घाटों पर रुककर स्थानीय दुकानदारों से खरीदारी कर रहे हैं। दीपोत्सव के मुख्य आयोजन से पहले ही बिक्री में आए उछाल ने छोटे कारोबारियों को उत्साहित किया है।
समोसे की बिक्री से रोहित शुक्ला की कमाई बढ़ी
गोंडा निवासी रोहित शुक्ला राम की पैड़ी के घाटों पर समोसा बेचते हैं। उन्होंने बताया कि सामान्य दिनों में उनकी रोजाना कमाई करीब 700 से 900 रुपये रहती थी, लेकिन पिछले एक-दो दिनों में यह बढ़कर 2,500 से 3,000 रुपये तक पहुंच गई है। श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही से समोसों की बिक्री में भी करीब तीन गुना वृद्धि हुई है।
लाई-चना बेचने वाले रविन्द्र कुमार को भी फायदा
अयोध्या के रुदौली निवासी रविन्द्र कुमार कनौजिया घाटों पर लाई-चना बेचते हैं। उनके अनुसार, दीपोत्सव की तैयारियां देखने पहुंच रहे लोगों के कारण बिक्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। इन दिनों उनकी रोजाना आमदनी सामान्य दिनों की तुलना में दो से तीन गुना तक बढ़ रही है।
चाय की बिक्री बढ़ने से प्रेम कुमार भट्ट को राहत
अयोध्या के सिकंदरपुर चौरी निवासी प्रेम कुमार भट्ट चाय बेचकर आजीविका चलाते हैं। उन्होंने बताया कि सामान्य दिनों में वह प्रतिदिन करीब 700 से 800 रुपये कमाते थे, लेकिन दीपोत्सव की तैयारियों के बीच उनकी आमदनी दो से तीन गुना तक बढ़ गई है। घाटों पर पहुंच रहे श्रद्धालुओं के कारण चाय की मांग में इजाफा हुआ है।
रामनगरी के विकास से स्थानीय कारोबार को मिल रहा लाभ
राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या में पर्यटन गतिविधियों और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हुआ है। दीपोत्सव जैसे बड़े आयोजनों के दौरान पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही का लाभ होटल, परिवहन और खानपान कारोबार के साथ घाटों पर रेहड़ी लगाने वाले छोटे दुकानदारों को भी मिल रहा है।
सात नवंबर को मुख्य दीपोत्सव आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में स्थानीय दुकानदारों को कारोबार में और तेजी आने की आशा है।
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