(Bhopalgarh, Jodhpur)
जहां इंद्रदेव की प्रदेश पर मेहरबानी से पारे में गिरावट है। वही मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की ओर से बाड़मेर रिफाइनरी के एमओयू को रि-नेगोशिएट किए जाने की घोषणा से प्रदेश की राजनीति का पारा चढ़ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि अगर इसे रि नेगोशिएट ही करना था तो सरकार ने 8 माह इंतजार क्यूं किया। सरकार चुनाव आचार संहिता का हवाला देती है तो ये गलत होगा। क्योंकि आचार संहिता इसके आड़े नहीं आ सकती थी। इसे लेकर वसुंधरा ने कहा था कि इसके तहत जमीन भी हमारी, पैसा भी हमारा और प्राकृतिक संसाधन भी हमारा। लेकिन इस पर स्वामित्व हमारा नहीं होगा। जो पूरी तरह गलत है। जिस पर गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री राजे को पता होना चाहिए कि तेल व गैस पर स्वामित्व केंद्र सरकार का है। ना कि राज्य सरकार का। उन्होंने इस मामले में वसुंधरा राजे पर कई आरोप भी लगाए।
Author: JAN TV Editorial Team
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