जल से शिव पूजा का शास्त्रों में बताया है यह विघ्ननाशक उपाय
(India) शिव वैराग्य के अद्भुत आदर्श हैं। वाघम्बरधारी, सरल और सहज स्वरूप शिव अपने भक्त द्वारा अपनाए पूजा के आसान उपायों और सामग्रियों से भी प्रसन्न हो जाते हैं। पवित्र जल के साथ शिव पूजा का 1 ऐसा ही उपाय देव पूजा परंपराओं में विघ्नों को दूर करने व सौभाग्य की कामना पूरी करने वाला भी माना गया है। यहां बताई जा रही जल के साथ शिव पूजा की आसान विधि शास्त्रों में देव आराधना का छोटा, सरल, लेकिन श्रेष्ठ उपाय भी माना गया है, जिसे पंचोपचार पूजा के नाम से भी जाना जाता है। पंचोपचार पूजा यानी यानी पांच तरीकों या सामग्रियों से पूजा करना। सावन में इस पूजा के साथ शिवलिंग पर जल अर्पण मनोरथपूर्ति व सौभाग्य वृद्धि के लिए बहुत शुभ माना गया है।
- सुबह नित्यकर्म और स्नान कर पवित्र हो जाएं। शिव उपासना के लिए सफेद वस्त्र पहनें।

- पंचोपचार पूजा में चंदन या गंध, फूल, नैवेद्य और धूप, दीप से आरती का विधान है। इनके साथ शिव को जल व बिल्वपत्र भी अर्पित करें।

- शिव पूजा का विशेष काल होने से पूजा की शुरुआत गाय के दूध मिले जल की धारा अर्पित कर करें।

इसके बाद क्रम से गंध या चंदन, सफेद फूल व बिल्वपत्र चढ़ाते हुए पंचाक्षरी मंत्र "नम: शिवाय" या षडाक्षरी मंत्र "ॐ नम: शिवाय" या नीचे लिखे आसान मंत्र बोलें-

ॐ महेश्वराय नम:
ॐ शंकराय नम:
ॐ विष्णुवल्लभाय नम:

- भगवान को नैवेद्य में फल या दूध से बनी मिठाई चढ़ाएं।

- पूजा के बाद धूप, दीप, कर्पूर से शिव की आरती करें।

- अंत में त्रुटियों के लिए क्षमा और इच्छापूर्ति की कामना करें।

Author: JAN TV Editorial Team

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