पुरी में 'राज प्रसाद बिजे' रस्म संपन्न, रथ यात्रा से पहले भगवान के स्वस्थ होने का संदेश
(Puri, Puri) ओडिशा के श्री जगन्नाथ मंदिर में वार्षिक जगन्नाथ रथ यात्रा से पहले रविवार को पवित्र 'राज प्रसाद बिजे' रस्म विधि-विधान से संपन्न हुई। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस रस्म के माध्यम से पुरी के गजपति महाराजा को यह संदेश दिया जाता है कि भगवान जगन्नाथ अब पूर्ण रूप से स्वस्थ हो चुके हैं। गजपति महाराजा को भगवान जगन्नाथ का प्रथम सेवक माना जाता है।

यह परंपरा 15 दिनों की 'अनासर' अवधि के 12वें दिन निभाई जाती है। मान्यता है कि 'स्नान पूर्णिमा' के अवसर पर 108 पवित्र कलशों के जल से स्नान के बाद भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा अस्वस्थ हो जाते हैं और उन्हें उपचार के लिए 15 दिनों तक एकांत में रखा जाता है।

इस अवधि के दौरान श्रद्धालुओं को तीनों विग्रहों के दर्शन नहीं होते। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उपचार पूरा होने के बाद 'राज प्रसाद बिजे' रस्म के जरिए उनके स्वस्थ होने की सूचना दी जाती है।

यह रस्म भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा से पहले होने वाले प्रमुख धार्मिक आयोजनों में से एक है। इस वर्ष 16 जुलाई को जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की विश्वप्रसिद्ध रथ यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।

Author: JAN TV Editorial Team

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।