महक और अनन्या ने बताया कि उन्होंने बाबा भोलेनाथ से अपने मम्मी-पापा की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना की है। इसी मनोकामना को लेकर दोनों ने हरिद्वार से कांवड़ उठाई। नन्हे कंधों पर कांवड़ का भार था, लेकिन चेहरे पर थकान से ज्यादा उत्साह नजर आया। नन्ही बहनों की यह कांवड़ यात्रा केवल आस्था की कहानी नहीं, बल्कि माता-पिता के प्रति उनके निश्छल प्रेम की भी मिसाल बन गई है।
एक सप्ताह पहले हरिद्वार से शुरू हुई दोनों बहनों की यात्रा सोमवार को मेरठ पहुंच तो कई जगह लोगों ने दोनों को देखकर उनका उत्साह बढ़ाया और आशीर्वाद दिया। महक और अनन्या भी पूरे उत्साह के साथ बोल बम के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ती रहीं। कांवड़ से लाए गए जल को शिवलिंग पर अर्पित करते समय उनकी सबसे बड़ी प्रार्थना यही थी कि उनके मम्मी-पापा हमेशा स्वस्थ रहें और उनकी उम्र लंबी हो।
Author: JAN TV Editorial Team
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