(MAHARASHTRA, India)
वकील गुणरतन सदावर्ते द्वारा दायर एक जनहित याचिका में कहा गया कि हड़ताल के दौरान डॉक्टरों की गैरमौजूदगी से कम से कम 80 मरीजों की मृत्यु हो गयी थी । न्यायमूर्ति नरेश पाटिल की अध्यक्षता वाली खंड पीठ ने आज राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह किसी स्वतंत्र एजेंसी से यह पता लगाने को कहे कि क्या डॉक्टरों की गैरमौजूदगी की वजह से ये मौतें हुईं। अदालत ने साथ ही सरकार से कहा कि वह डॉक्टरों के हड़तालों से निपटने के लिए एक स्थायी तंत्र का विकास करे।
Author: JAN TV Editorial Team
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