(WESTBENGAL, India)
राज्य सरकार ने अत्यावश्यक बताते हुए यह अपील न्यायमूर्ति गिरीश गुप्ता और न्यायमूर्ति टी चक्रवर्ती वाले एक खंडपीठ के समक्ष दायर की क्योंकि न्यायमूर्ति दीपांकर दत्त ने गत सोमवार को दिये अपने आदेश में निर्देश दिया था कि आदेश के अदालत की वेबसाइट पर अपलोड होने के 72 घंटे के भीतर प्राथमिकी दर्ज की जाए। इसके अलावा तापस पाल ने भी स्वयं न्यायमूर्ति दत्त के आदेश के खिलाफ अदालत में अपील दायर की। खंडपीठ ने निर्देश दिया कि मामले पर आज अपराह्न दो बजे सुनवायी होगी। न्यायमूर्ति दत्त ने आदेश उस याचिका पर दिया था जिसमें महिलाओं और चुनाव रैलियों में अन्य विपक्षी दल समर्थकों के खिलाफ टिप्पणी की सीआईडी जांच का अनुरोध किया गया था। न्यायमूर्ति दत्त ने आदेश पारित करते हुए राज्य की कानून व्यवस्था की स्थिति और पुलिस की भूमिका पर भी तीखी टिप्पणी की थी। न्यायमूर्ति दत्त ने निर्देश दिया था कि उच्च न्यायालय पश्चिम बंगाल के उस रूख को देखते हुए जांच की निगरानी करेगा कि शिकायत से किसी संज्ञेय अपराध का खुलासा नहीं होता। न्यायमूर्ति दत्त ने अपने आदेश में नदिया जिले के नकाशीपारा पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक को निर्देश दिया था कि वह नदिया जिले में पाल के संसदीय क्षेत्र कृष्णनगर निवासी विप्लव चौधरी की गत एक जुलाई की शिकायत को एक प्राथमिकी मानें। अदालत ने राज्य के पुलिस महानिदेशक को भी निर्देश दिया कि वह आदेश उच्च न्यायालय की वेबसाइट पर अपलोड होने के 72 घंटे के भीतर मामले को सीआईडी के डीआईजी को स्थानांतरित कर दें। न्यायमूर्ति दत्त ने सीआईडी अधिकारियों को भी निर्देश दिया कि वह एक सितम्बर को जांच की प्रगति पर स्थिति रिपोर्ट दायर करें।
Author: JAN TV Editorial Team
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