गौर हो कि दिल्ली हाईकोर्ट राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों पर ई-रिक्शों का परिचालन पर रोक लगाने संबंधी अपने आदेश की समीक्षा के लिए बीते दिनों तैयार हुआ था। न्यायमूर्ति बीडी अहमद और न्यायमूर्ति एस मृदुल की पीठ के समक्ष बैटरी रिक्शॉ वेल्फेयर एसोसिएशन की ओर से वकील आरके कपूर ने इस याचिका का उल्लेख किया।
अदालत ने इस मामले में सुनवाई के लिए सहमति व्यक्त करते हुए कहा था कि ई-रिक्शा के के परिचालन को नियंत्रित करने की जरूरत है। पीठ ने पूछा कि आप यातायात नियमों के बारे में भली-भांति जानते हैं। जब तक ई-रिक्शों का नियमन नहीं किया जाता, तब तक इन्हें अनुमति कैसे दी जा सकती है? कपूर ने इस मामले में तत्काल सुनवाई करने का अनुरोध करते हुए कहा कि इलेक्ट्रिक मोटर से चलने वाले तिपहिया वाहनों (ई रिक्शों एवं ई कार्ट) के नियमन के संबंध में सड़क यातायात एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा सभी राज्य सरकारों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को परामर्श जारी किया गया।
Author: JAN TV Editorial Team
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