हिंदू पंचांग के अनुसार रविवार दोपहर 1ः38 तक भद्राकाल के दौरान न तो ठाकुर जी की कलाई पर राखी बांधी जा सकेगी और न ही बहनें भाई की कलाई पर राखी बांध सकेंगी। हालांकि पांडित्य कर्म करने वाले लोगों का कहना है कि इसके पुच्छ काल में सुबह 11ः05 बजे के बाद राखी बांधी जा सकती है। इसी के चलते देश और दुनिया की बहनों की भेजी राखियां ठा. बांकेबिहारी जी की कलाई पर सुबह नहीं बंध पाएंगी। राखी बांधे जाने के लिए समय अभी तय नहीं हो पाया है। हिंदू पंचांग में दर्शाए गए ग्रह नक्षत्रों का इस बार रक्षाबंधन पर विकट संयोग बना है। भद्राकाल होने के कारण लोग असमंजस की स्थिति में हैं। मान्यता है कि भद्रा योग के समय बहनें अगर भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं तो इसका शुभ फल प्राप्त नहीं होता।
Author: JAN TV Editorial Team
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