हिमाचल प्रदेश में मंदिरों में होने वाली पशुबलि पर प्रतिबंध
(India)
हिमाचल हाईकोर्ट ने राज्य के मंदिरों में होने वाली पशुबलि पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। कोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में यह स्पष्ट किया कि हजारों पशुओं को बलि के नाम पर प्रतिवर्ष मौत के घाट उतारा जाता है, जिससे इन निर्मम पशुओं को असहनीय पीड़ा झेलनी पड़ती है। न्यायाधीश राजीव शर्मा व न्यायाधीश सुरेश्वर ठाकुर की खंडपीठ ने यह स्पष्ट किया कि देवता को प्रसन्न करने के लिए निर्दोष पशुओं को भयानक मौत देना सही नहीं है। कोर्ट ने कहा कि यह एक सामाजिक कुरीति है, जिसे समाप्त करना अति आवश्यक है। कोर्ट के समक्ष यह तथ्य ध्यान में लाया गया कि बलि के नाम पर पशु को मारने का प्रचलन कुल्लू जिला के निरमंड व आनी क्षेत्र, मंडी, जिला के कमरूनाग, गौड देव, कामाक्षा मंदिर व अन्य मंदिरों में है। शिमला जिला के रामपुर, रोहडू, कोटखाई, झाकड़ी, चिड़गांव व सिरमौर जिला के शिलाई क्षेत्र में भी बकरों व भेड़ों को बलि के नाम पर मारने का प्रचलन है।

Author: JAN TV Editorial Team

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