CBI जांच में सारदा घोटाले और ममता बनर्जी के बीच तार जुड़े होने का खुलासा
(WESTBENGAL, India) रिपोर्टों के मुताबिक मामले की जांच कर रही सीबीआई ने इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईआरसीटीसी) और सारदा ग्रुप के बीच तार जुड़े होने का खुलासा किया है। सारदा ग्रुप और आईआरसीटीसी के बीच एक अनुबंध उस समय हुआ जब ममता बनर्जी रेल मंत्री थीं। रिपोर्ट के मुताबिक आईआरसीटीसी और सारदा ग्रुप ने वर्ष 2010 में टूरिज्म परियोजना को लेकर एक अनुबंध किया था। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक सारदा टूर्स एवं ट्रवेल्स ने भारत तीर्थ योजना के तहत आधिकारिक रूप से आईआरसीटीसी के लिए दक्षिण भारत पैकेज टूर का आयोजन किया था। भारत तीर्थ योजना की शुरुआत ममता बनर्जी ने 2010-11 में अपने रेल बजट में की थी। वहीं, टीएमसी ने कहा है कि केंद्र सरकार एक राजनीतिक हथियार के रूप में सीबीआई का इस्तेमाल कर रही है। तृणमूल कांग्रेस के महासचिव मुकुल राय ने यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा, ‘पहले सीबीआई को कांग्रेस ब्यूरो आफ इंवेस्टीगेशन के रूप में जाना जाता था। सीबीआई ने अपना चरित्र नहीं बदला है।’ पूर्व रेल मंत्री ने दावा किया, ‘सीबीआई कोई स्वायत्त संस्था नहीं है जो अपने काम अपने आप करे। सीबीआई एक राजनीतिक संगठन की तरह काम करती है।’ विपक्ष के सारदा समूह के स्वामित्व वाले श्रद्धा टूर्स एंड ट्रेवेल्स को आईआरसीटीसी द्वारा अनावश्यक रूप से लाभ पहुंचाने के विपक्ष के आरोपों के बारे में पार्टी का रूख पूछने पर राय ने अनभिज्ञता जताते हुए कहा, ‘मैं कुछ नहीं जानता। समझौता मेरे द्वारा जिम्मा संभालने से पहले हुआ था। वह समुचित निविदा प्रक्रिया के जरिये हुआ होगा।’ उन्होंने कहा, ‘कैग या रेलवे अंकेक्षण जैसे कई ऐसे संगठन हैं जो समझौते पर गौर कर सकते हैं।’ तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी द्वारा पार्टी सांसद दिनेश त्रिवेदी को रेलमंत्री पद से हटाये जाने के बाद राय ने यह जिम्मेदारी संभाली थी।

Author: JAN TV Editorial Team

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