(ANDHRAPRADESH, India)
आंध्र प्रदेश को ‘हवाई और समुद्री केंद्र’ के रूप में विकसित करने तथा राज्य के आर्थिक विकास में वृद्धि की दिशा में सरकार ने कई कार्यक्रमों को अपने एजेंडे में शामिल किया है। सरकार के मुख्य एजेंडे में 14 छोटे बड़े तटों का विकास, समुद्री गतिविधियों के मोर्चे में सिंगापुर के बराबर आना, तीन अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों और 14 घरेलू हवाईअड्डों का विकास, तीन ‘मेगा शहरों’ एवं 11 ‘स्मार्ट शहरों’ के अलावा 28 विशेष आर्थिक जोन (एसईजेड) का विकास जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। राज्य में अंतरदेशीय जलमार्गों का निर्माण और तटीय शहर काकीनाडा को पुडुचेरी के साथ जोड़ने वाले ‘राष्ट्रीय जलमार्ग’ की योजना इस महत्वकांक्षी योजना का हिस्सा हैं। आंध्र प्रदेश के विभाजन के बाद राज्य के पुनर्निर्माण को लेकर राज्य के लिए जरूरी पांच ‘‘ग्रिड’’ और सात ‘अभियानों’ को शामिल किया गया है। सरकार द्वारा जिन पांच ग्रिडों पर विचार किया जा रहा है उनमें जल, उर्जा, राजमार्ग, गैस और फाइबर ऑप्टिक शामिल हैं। सात अभियानों में प्राथमिक क्षेत्र, सामाजिक सशक्तिकरण, क्षमता और ज्ञान का विकास, शहरों का विकास, उद्योग क्षेत्र व बुनियादी ढांचा का विकास शामिल हैं। सरकार द्वारा विकास योजनाओं को अमल में लाना, रोजगार के अवसरों का सृजन और गरीबी दूर करने के लिए अभियानों पर विशेष जोर होगा।
Author: JAN TV Editorial Team
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