(India)
1852 में पेरिस के दर्जनों स्टेशनों को जोड़ने के लिए यह रेललाइन स्थापित की गई थी। इसका उद्देश्य पूर्ण रूप से व्यावसायिक था। यहां ट्रेनों से व्यापारी आते-जाते थे और माल का परिवहन भी किया जाता था। फ्रांस में वह दौर औद्योगिक क्रांति का था। 1934 तक इस मार्ग पर ट्रेनें चली और बंद कर दी गईं। उस वर्ष से आज तक इस मार्ग पर कोई ट्रेन नहीं चली। इसके दोनों ओर पक्के निर्माण हो गए हैं, लेकिन रेलमार्ग के स्थान को आज भी खुला और वैसा ही रखा गया है, जैसा शुरू से है। इसका एक कारण यह है कि आने वाली पीढ़ी जब इन्हें देखे, तो उसे अपने देश के गौरवशाली इतिहास को जानने का अवसर मिले। पेरिस के इस वीरान रेलमार्ग को पूरी तरह हटा देने और उसके स्थान पर बड़ा पार्क बनाने की मांगें उठ रही हैं, लेकिन अभी कुछ फैसला नहीं हुआ है। ऐसा इसलिए ताकि वे अन्य लोगों को यह दिखा सकें कि इतिहास में यह जगह कैसी थी।
Author: JAN TV Editorial Team
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