शराब नीति पर कदम वापस नहीं लेंगे: केरल के मुख्यमंत्री
(KERALA, India) यह कदम राज्य में आगामी दस सालों में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की दिशा में उठाया गया है। केबिनेट की बैठक के बाद इस संबंध में सवालों के जवाब देते हुए चांडी ने संवाददाताओं को बताया कि इस संदर्भ में फैसला जल्दबाजी में नहीं लिया गया और इसपर लगभग पांच माह तक चर्चा की गई। नई नीति के कारण राज्य के खजाने को होने वाले राजस्व घाटे के मुद्दे पर चांडी ने कहा, ‘मैं लगभग सात हजार करोड़ रूपए के राजस्व घाटे को हल्के तौर पर नहीं ले रहा। हालांकि शराब पीने से समाज को होने वाला नुकसान और उसमें आने वाले दोष राज्य द्वारा कमाए जाने वाले राजस्व से कहीं ज्यादा है।’ केबिनेट ने राज्य के उन 412 शराबखानों के प्रत्येक कर्मचारी को ओणम त्योहार भत्ते के रूप में पांच हजार रूपए देने का भी फैसला किया है, जो बंद किए जा चुके हैं। इन शराबखानों में कुल 7,467 कर्मचारी कार्यरत थे।

Author: JAN TV Editorial Team

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