(Athmalgola, Patna)
शहर में गंदगी और जल जमाव पर मंगलवार को फिर हाईकोर्ट ने सरकार को खरी-खोटी सुनाई। जस्टिस वीएन सिन्हा और जस्टिस पीके झा की खंडपीठ ने कहा- हम लोग 30 साल से जलजमाव से त्रस्त हैं, सरकार को न शर्म है, न चिंता। 15 अगस्त को गांधी मैदान में जैसे झंडारोहण हुआ वह अचंभित करने वाला था। देश के हर राज्य की राजधानियों से गंदा है पटना। इट इज ए स्लम कैपिटल सिटी। जल जमाव दूर करने के लिए दायर पीआईएल पर सुनवाई के दौरान नगर आयुक्त कुलदीप नारायण मौजूद थे। अब 5 सितंबर को फिर सुनवाई होगी। कोर्ट ने आयुक्त से कहा कि आप बताइए कि 9 बड़े नालों की सफाई के लिए राशि स्वीकृत हुई या नहीं। राजनीति का रंग जब अपनी खुमारी पर हो तो कहां कुछ दिखता है... पटना में जल जमाव के लिए सेना बुलानी पडती है और तीन दिनो ंकी बारिश के बाद शहर में आज भी गंदगी का अम्बार लगा है... नगर निगम......मेयर और नगर आयुक्त से लडने का काम कर रहा है। ऐसे में पटना देश का सबसे गंदा शहर बन गया है। हाईकोर्ट ने सरकारी व्यवस्था पर प्रश्न क्या खडा किया तो सूबे में मुख्यमंत्री ने हाईकोर्ट के इस रूख पर ही सवाल खडा कर दिए है। बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि मुझे नहीं लगता है कि पटना देश का सबसे गंदा शहर है।
Author: JAN TV Editorial Team
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